डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच हुई तीखी बहस ने दो अहम सवालों को जन्म दिया है. पहला - बिना अमेरिकी मदद यूक्रेन कैसे रूस का सामना करेगा, दूसरा - उस नाटो का भविष्य क्या होगा, जिसमें शामिल होने के लिए जेलेंस्की ने रूस के साथ वो जंग मोल ले ली जो आज यूक्रेन के लिए अस्तित्व का सवाल बन गई.
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